क्या बैंक में आपका पैसा डूब जाएगा, जानें कैसे सुरक्षित रखें अपने खून-पसीने की कमाई?

क्या बैंक में आपका पैसा डूब जाएगा, जानें कैसे सुरक्षित रखें अपने खून-पसीने की कमाई?

 

नई दिल्ली: क्या बैंकों में हमारा और आपका पैसा सुरक्षित है? ये सवाल इसलिए खड़ा हो रहा क्योंकि लक्ष्मी विलास बैंक के खाता धारकों का पैसा बैंक में फंस गया है. आपको याद होगा कि पिछले साल पीएमसी बैंक भी डूब गया था जिसके बाद लोगों की गाढ़ी कमाई बैंक में धरी की धरी रह गई थी. आखिर लोग अपने खून-पसीने की कमाई रखें तो कहां रखें?

लक्ष्मी विलास बैंक के चलते उठे सवाल

चेन्नई की 100 साल पुरानी लक्ष्मी विलास बैंक से लक्ष्मी रूठती हुई नजर आ रही हैं. केंद्र सरकार ने लक्ष्मी विलास बैंक से खाताधारकों पर उनका जमा पैसा निकालने की सीमा तय कर दी है. 16 दिसंबर 2020 तक बैंक के खाताधारक एक खाते से अधिकतम 25 हज़ार रुपये ही निकाल सकते हैं.

ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि लक्ष्मी विलास बैंक के आर्थिक हालात बिगड़ गई है. रिज़र्व बैंक के मुताबिक़ लक्ष्मी विलास बैंक लिमिटेड की आर्थिक स्थिति में लगातार गिरावट हुई है. बीते तीन साल से भी अधिक समय से बैंक को लगातार घाटा हो रहा है. इससे इसकी नेटवर्थ घटी है. किसी सक्षम रणनीतिक योजना के अभाव और बढ़ते नॉन परफ़ॉर्मिंग एसेट के बीच घाटा जारी रहने की संभावना है.

आख़िर बैंकों में जमा पैसा कितना सुरक्षित है?

पीएमसी बैंक घोटाले से सीख लेते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीताराम ने बजट में इस साल बैंक खातों पर बीमे की रकम अधिकतम 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी थी. यानी कि जिनके खाते में 5 लाख रुपये तक की रकम है वो थोड़ी राहत की सांस ले सकते हैं.

 ये कैसे सुनिश्चित करें कि पैसा बैंक में सुरक्षित रहेगा?

– ऊंचा ब्याज देनेवालें बैंकों की बैलेंस शीट और NPA के आंकड़े अच्छे से चेक कर लें.

– अपने सारे पैसे कभी भी एक बैंक में न रखें.

– अलग- अलग बैंकों में अपने खाते खुलवाएं.

– परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम पर अलग खाते खुलवाएं.

– किसी भी खाते में 5 लाख से ज्यादा पैसे न रखें.

– बैंक डूबने की स्थिति में अगर आपके खाते में 5 लाख से ज्यादा की रकम है तो भी आपको अधिकतम 5 लाख रुपये ही वापस मिलेंगे.

– जिनके खाते में 5 लाख रु से कम है वो राहत की सांस ले सकते हैं क्योंकि उन्हें पूरी रकम वापस मिल सकती है.

 रिजर्ब बैंक कैसे रखती हैं गड़बड़ करने वाले बैंकों पर नजर?

रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया का काम है कि हर साल बैंकों का बही-खाता देख कर इस बात का हिसाब रखे कि कहीं किसी बैंक में कोई गड़बड़ी तो नहीं है. जहां कहीं आरबीआई को गड़बड़ी की आशंका होती है, वहाँ वो चेक और बैलेंस लगाते हैं.

मामला नहीं सुधरने पर बैंक का कंट्रोल कुछ दिन के लिए अपने हाथ में ले लेते हैं. थोड़ी सी छानबीन करके आप ऐसे बैंकों की लिस्ट इंटरनेट पर देख सकते हैं, जिनको ‘स्ट्रेस्ड बैंक’ कहा जाता है. अगर आपका बैंक ऐसी सूची में है, तो तुरंत पैसा निकालना फ़ायदे का सौदा होगा.

पूरे मामले पर लक्ष्मी विलास बैंक का क्या कहना है?

लक्ष्मी विलास बैंक का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है. सबका पैसा सुरक्षित है. सरकार ने बैंक को बचाने के लिए डीबीएस बैंक से विलय को मंजूरी भी दे दी है. ऐसे में लोगों इस बात से राहत की सांस ले सकते हैं कि सरकार किसी भी बैंक को इतनी आसानी से डूबने नहीं देगी. सरकार का कहना है कि अगर किसी को इलाज, उच्च शिक्षा की फीस या शादी करनी हो तो खाताधारक रिजर्व बैंक की इजाजत से 25 हजार रु से ज्यादा की रकम भी निकाल सकता है.

 कैसे ऐसी स्थिति में पहुंची लक्ष्मी विलास बैंक?

लक्ष्मी विलास बैंक लिमिटेड की आर्थिक स्थिति में लगातार गिरावट हुई है. बीते तीन साल से भी अधिक समय से बैंक को लगातार घाटा हो रहा है. इससे इसकी नेटवर्थ घटी है. किसी सक्षम रणनीतिक योजना के अभाव और बढ़ते नॉन परफ़ॉर्मिंग एसेट के बीच घाटा जारी रहने की संभावना है.

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