33 C
Mumbai
Sunday, February 28, 2021
Home NEWS ड्रग्स मामले में अंडरवर्ल्ड के लोग सक्रिय, NCB को अब मुंबई के...

ड्रग्स मामले में अंडरवर्ल्ड के लोग सक्रिय, NCB को अब मुंबई के ‘पाब्लो एस्कोबार’ की तलाश

मुंबई: अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद से नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने ड्रग्स जगत की नींव खोदने का जो काम शुरू किया वो अब अंडरवर्ल्ड तक पहुंच गया है. एनसीबी ने हाल ही में अंडरवर्ल्ड माफिया रह चुके मृतक करीम लाला के रिश्तेदार चिंकू पठान को गिरफ्तार किया था. वहीं चिंकू पठान को गिरफ्तार करने के बाद हुई पूछताछ में आरिफ भुजवाला का नाम सामने आया था, जो कि अपने आपको डोंगरी का पाब्लो एस्कोबार समझता है. इसको खोजने के लिए जब एनसीबी ने डोंगरी के नूर मंजिल बिल्डिंग में जहां आरिफ रहता है वहां छापा मारा तो वह खिड़की से निकलकर भागने में कामयाब हो गया.

मुंबई एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने बताया कि उसी बिल्डिंग के चौथी मंजिल पर आरिफ ने एमडी ड्रग्स बनाने की लैब बनाई थी. जहां से उन्हें 2.18 करोड़ नकद और 12 किलोग्राम ड्रग्स बरामद हुआ. साथ ही ड्रग्स बनाने के उपकरण भी मिले. एनसीबी का कहना है कि बरामद किया गया नकद उसकी करीब तीन दिन की कमाई है और अब तक उसने इस धंधे से लगभग 1500 करोड़ रुपये की कमाई की है. जिसे वह हवाला के जरिए दुबई में बैठे उसके आका तक पहुंचाता था.

दुबई में बनी जान-पहचान

एनसीबी को यह भी अंदेशा है कि इन पैसों का इस्तेमाल ये लोग असमाजिक कामों के लिए करते हैं, जिसकी जांच जारी है. एनसीबी के सूत्रों का कहना है कि आरिफ बिल्कुल ही पढ़ा लिखा नहीं है. पांच साल पहले तक उसके खाने के भी लाले पड़े थे. वह उधार की जिंदगी जीता था. फिर अचानक से उसकी पहचान दुबई में बैठे एक ड्रग पेडलर के साथ हुई और इसका जीवन बदल गया. इसी दौरान वह पहली बार दुबई गया और फिर वहां आने जाने का सिलसिला बढ़ता गया.

ड्रग्स की फैक्ट्री

एनसीबी ने बताया कि आरिफ ने ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री लगाई और खुद ही ड्रग्स बनाता और उसे मुंबई, समेत पूरे भारत मे बेचता था. आरिफ ने फिर अपने धंधे को और बढ़ाया और अब वह अपने ड्रग्स को तस्करों की मदद से विदेशों में भी बेचने लगा है. बीते पांच साल में उसने कई प्रॉपर्टी भी बनाई. आज की तारीख में उसके पास दो दुकान, 4 फ्लैट्स और महाराष्ट्र में 30 करोड़ रुपये की खेती की जमीन है.

प्रॉपर्टी पर एनसीबी की नजर

इतना ही नहीं, उसके पास बीएमडब्ल्यू, पजेरो, मर्सिडीज बेंज और हायाबुसा बाइक है. साथ ही वह हाय एंड इलेक्ट्रॉनिक गैजेट रखने का शौकीन है. एनसीबी का कहना है कि इसकी प्रॉपर्टी का अंदाजा लगाया जाए तो यह करीब 100 करोड़ रुपये के आसपास हो सकती है. वहीं घर के अंदर और बाहर लोगों पर नजर रखने के लिए 20 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए हुए हैं. इस मामले में एनसीबी ने उसकी एक हुंडई कार और दो बाइक्स को एनडीपीएस के चेप्टर 5(ए) के मुताबिक जब्त किया है. साथ ही उसकी प्रॉपर्टी पर अब एनसीबी की नजर है.

पाब्लो एस्कोबार रोल मॉडल

आरिफ कोलंबिया के ड्रग लॉर्ड पाब्लो एस्कोबार को अपना रोल मॉडल समझता है और उसकी तरह बनना चाहता है. इतना ही नहीं, उसने अपने नाम के आगे पाब्लो एस्कोबार तक लगा रखा है. वह ड्रग्स के धंधे से जुड़े लोगों को अपना परिचय पाब्लो एस्कोबार नाम से देता था. आरिफ ने बड़े ही कम समय में बेहिसाब पैसे कमाए हैं और इन पैसों से उसने अपने सारे सपने पूरे किए. उसने अपने घर को डेकोरेट करने के लिए बहुत महंगे सजावटी समान भी खरीदे थे.

बुधवार को की गई रेड के दौरान एनसीबी ने चिंकू पठान को गिरफ्तार किया, जिसके अंडरवर्ल्ड में लिंक बताए जाते हैं. हालांकि जांच के दौरान पता चला कि वह तो उन लोगों में से एक है जो कि आरिफ के लिए काम करता है. चिंकू पठान दिखावा करने में विश्वास रखता है. वह एक टाइम में लगभग 5 से 6 किलो सोना पहनता है और बहुत ही लैविश लाइफस्टाइल रखता है. चिंकू पठान ने भी अपना धंधा चलाने के लिए 25 से 30 लोगों की फौज तैयार कर रखी है, जो कि उसके इशारे पर काम करते और ड्रग्स की खेप एक शहर से दूसरे शहर में सप्लाइ करते हैं.

लाखों रुपये की कमाई

एनसीबी की जांच में पता चला कि आरिफ एक किलो एमडी बनाने के लिए 90 हजार से 1 लाख रुपये खर्च करता था, जिसमें प्रोक्यूरमेंट, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग होती थी. जिसके बाद वह इस ड्रग्स को पेडलर्स को 8 लाख से 10 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचता था. ड्रग्स पेडलेर इस ड्रग्स को उनके ग्राहकों को 1500 से लेकर 2000 प्रति ग्राम के हिसाब से बेचते थे. इसका मतलब है कि 10 लाख की लागत लगाकर पेडलर्स 15 लाख से लेकर 20 लाख की कमाई करते थे.

इसके बाद आरिफ इस ड्रग्स को विदेशों में भी भेजता था. एनसीबी सूत्रों का कहना है कि यह ड्रग्स दुबई, कतर और मिडल ईस्ट देशों में निर्यात करता था, जहां पर उन्हें 4000 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से बेचा जाता था यानी कि 40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम इसे बेचा करता था, जिसका मतलब है कि एक लाख रुपये के निवेश के बाद वह लगभग 40 लाख रुपये तक कमा लेता था.

यह भी पढ़ें:
मुंबई में ड्रग्स फैक्ट्री का खुलासा, डी-कंपनी ने 5 साल में कमाए 1500 करोड़ रुपये

Source link

Most Popular

EnglishGujaratiHindiMarathiUrdu