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Sunday, January 24, 2021
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IAS Success Story: नौकरी के साथ की तैयारी, रोशन कुमार ने ऐसे UPSC परीक्षा में बाजी मारी

Success Story Of IAS Topper Roshan Kumar: रोशन कुमार की यूपीएससी जर्नी खासी लंबी रही. साल 2013 से शुरू हुआ उनका यह सफर 2018 में मंजिल पर पहुंचा. उन्हें सफलता मिली पांचवें प्रयास में. इस दौरान रोशन ने कई बार असफलताओं का सामना किया लेकिन फेलियर का मातम मनाने की बजाय वापस उठ खड़े हुए और हर बार दोगुने जोश से तैयारी में जुट गए. अंततः साल 2018 में रोशन कुमार ने 114वीं रैंक के साथ यह परीक्षा पास की और इस रैंक के अंतर्गत उन्हें आईपीएस यानी इंडियन पुलिस सर्विस एलॉट हुई. दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिए इंटरव्यू में रोशन ने जॉब के साथ कैसे तैयारी करें, इस मुद्दे पर चर्चा की.

बार-बार हुए असफल पर नहीं मानी हार –

रोशन कुमार की सफलता की कहानी बहुत सारी असफलताओं की भी कहानी है. लेकिन इस सफर में उनके जज्बे की दाद देनी होगी जो बार-बार गिरकर भी नहीं टूटा. इस दौरान रोशन ने कभी भी नौकरी छोड़ने का नहीं सोचा और अपने पांचों अटेम्प्ट जॉब के साथ ही दिए.

अगर रोशन के प्रयासों की बात करें तो पहले दो अटेम्प्ट्स में रोशन प्री परीक्षा भी पास नहीं कर पाए. इसके बाद के प्रयासों में वे मेन्स परीक्षा नहीं निकाल पाए और अंततः पांचवें प्रयास में साल 2018 में वे सफल हुए. नौकरी के साथ परीक्षा की तैयारी आसान नहीं थी लेकिन रोशन की निगाह हमेशा नौकरी के सकारात्मक पहलुओं पर रहती थी.

 दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिए इंटरव्यू में रोशन कुमार ने अपनी इस जर्नी के बारे में खुलकर बात की

परीक्षा की तैयारी को रखें सीक्रेट –

रोशन कहते हैं कि जब आप इस परीक्षा की तैयारी करें तो इसके बारे में बहुत ही खास लोगों को छोड़कर किसी को न बताएं. वे कहते हैं कि ये परीक्षा इतनी डिमांडिंग होती है और इसमें सफलता इतनी मुश्किल होती हैं कि दूसरों को बताकर आप उनकी अपेक्षाओं का बोझ अपने ऊपर न लादें. पहले ही आप बहुत से दबाव झेल रहे होते हैं.

जहां तक तैयारी की बात है तो इसे अपनी लाइफस्टाइल के साथ इंटीग्रेट करें. यानी तैयारी के लिए समय अपनी वर्तमान नौकरी के साथ ही निकालें और जो भी आपका रूटीन हो उसमें पढ़ाई का समय रचा-बसा लें. यह समझ लें कि वर्किंग प्रोफेशनल होने के नाते आपको अलग से समय नहीं मिलेगा इसलिए इस बात का रोना रोने के बजाय जो समय है उसे ही तैयारी के लिए बेस्ट यूटिलाइज करें.

ऑफिस और साथियों के प्रति आभार व्यक्त करें –

रोशन कहते हैं कि बजाय इस बात का बवाल करने के कि नौकरी के कारण आपको समय नहीं मिलता या ऑफिस में बहुत समस्याएं हैं, अपनी नौकरी के प्रति आभार व्यक्त करें और साथियों के प्रति आभारी रहें. ये याद रखें कि यह नौकरी आपको वह अनुभव दे रही है जो आपको परीक्षा के दौरान बहुत काम आने वाले हैं. खासकर साक्षात्कार में बहुत से प्रश्न यहीं से बन जाते हैं. लीडरशिप, टीमवर्क, मैनेजमेंट जैसे शब्द आप पढ़ते नहीं जीते हैं और जाहिर सी बात है इससे आप उत्तरों में लाइव एग्जाम्पल भी डाल सकते हैं और अपना अनुभव भी साझा कर सकते हैं.

सोशल लाइफ से कट-ऑफ कर लें –

रोशन सलाह देते हैं कि चाहे ऑफिस की गैदरिंग्स हों या फैमिली की, जितना हो सके सबसे दूर रहें. जहां आपके बिना काम ही न चले केवल उन्हीं ऑफिस गैदरिंग्स में जाएं. कुछ समय तक मना करने में बुरा लगेगा लेकिन फिर सभी को आदत हो जाएगी और लोग आपको पूछना बंद कर देंगे. यही नहीं ऑफिस पॉलिटिक्स से भी दूर रहें.

जहां और जब मौका मिले उस समय को अपनी पढ़ाई पर खर्च करें. अगर सबके लिए लंच एक घंटे का होता है तो आप दस मिनट में उसे खत्म करके पढ़ने बैठ जाएं. इस काम के लिए मोबाइल का प्रयोग करें क्योंकि इसें कहीं भी कैरी किया जा सकता है. कुल मिलाकर आपको अपने लिए टाइम चुराना सीखना होगा. हॉलीडेज बचाकर रखें और जरूरत के मुताबिक छुट्टियां लें.

रोशन की सलाह –

रोशन कहते हैं कि नौकरी वालों को कभी संतुष्टी नहीं होती कि उनकी तैयारी पूरी हो गई है. ऐसे में वे आंसर राइटिंग नहीं करते जोकि इस परीक्षा में सफल होने के लिए बहुत जरूरी है. वे कहते हैं कि खुद को विश्वास दिलाएं कि जितना पढ़ लिया काफी है और आपके पास जो नहीं है उस पर से ध्यान हटाकर जो है उस पर फोकस करें. नौकरी जहां एक तरफ दोगुनी मेहनत करवाती है, वहीं कैरियर सिक्योर होने से स्ट्रेस भी कम करती है इसलिए इसके फायदे देखिए.

जहां तक बात देर से सफलता मिलने की है तो एक बात का ध्यान रखिए कि इस सफर में अगर आपने सही से तैयारी की है तो भले दुनिया की नजर में आप सफल हों या नहीं लेकिन एक इंसान के तौर पर बहुत निखरते हैं. आप अपना बेस्ट वर्जन बन जाते हैं. इसलिए यहां लगने वाले सालों से घबराएं नहीं न ही असफलताओं का रोना रोएं. इसमें समय बर्बाद करने के बजाय तैयारी पर ध्यान दें. बस एक बात याद रखें कि सच्चे प्रयास कभी खाली नहीं जाते.

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