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Friday, February 26, 2021
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IAS Success Story: पहले प्रयास में IPS और दूसरे में IAS, कैसे पायी समीर ने बार-बार UPSC परीक्षा में सफलता, जानें यहां

Success Story Of IAS Topper Sameer Saurabh: समीर सौरभ बिहार के पूर्णिया जिले के हैं. उन्होंने साल 2018 में अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी सीएसई परीक्षा 32वीं रैंक से पास की. इसके पहले भी समीर इस एग्जाम को क्रैक कर चुके हैं. साल 2017 में पहले ही प्रयास में समीर ने यह एग्जाम क्रैक कर लिया था और उस समय उन्हें रैंक मिली थी 142, जिसके तहत समीर को आईपीएस सेवा एलॉट हुई थी. अपनी रैंक से असंतुष्ट समीर ने फिर से यह परीक्षा दी और इस साल सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 32वीं रैंक के साथ टॉप किया. इस रैंक के आधार पर समीर को आईएएस पद मिला जिसकी उन्हें हमेशा से चाह थी. इसके पहले समीर आईआईटी खड़गपुर से ग्रेजुएशन भी कर चुके हैं. दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिए इंटरव्यू में समीर ने अपने दोनों प्रयासों से पाए अनुभव साझा किए.

इन प्रयासों से सुधरती है रैंक –

समीर तैयारी के विषय में बात करते हुए कहते हैं कि एक बार सेलेक्शन होने का मतलब है कि आपकी विषयों की तैयारी अच्छी है, ऐसे में सवाल यह उठता है कि रैंक सुधारने के लिए और क्या करें. इसका जवाब है कि आप अभी तक जो भी कर रहे थे सभी में अपने प्रयासों को बढ़ा दें. चूंकि अब आपको एक लेवल ऊंचा उठना है इसलिए हर स्टेज पर आपकी तैयारी एक लेवल ऊपर होनी चाहिए. जैसे टेस्ट दें तो पहले से ज्यादा, आंसर राइटिंग करें तो पहले से और अधिक. इस प्रकार आपको अपने प्रयासों में क्वालिटी का समावेश करना है. जो कर रहे थे उसे अब एक लेवल आगे बढ़कर करना है. इससे रिजल्ट भी आगे बढ़कर ही आएगा.

एक बात का और ध्यान रखें कि केवल मॉक टेस्ट करने से लाभ नहीं होता, जब तक आप उनको एनालाइज नहीं करेंगे. इसलिए अपने टेस्ट पेपर को ठीक से देखें और जिन एरियाज में कमी रह गई हो उन्हें समय रहते दूर करें.

यहां देखें समीर सौरभ द्वारा दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिया गया इंटरव्यू – 


इन बातों पर दें विशेष ध्यान –

समीर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहते हैं कि अक्सर कैंडिडेट्स को यह समस्या आती है कि वे जो याद करते हैं वह याद नहीं रहता. इससे बचने के लिए एक उपाय समीर वाला है, जिसके तहत वे आज तो विषय पढ़ते थे उसे दो दिन बाद टेस्ट देकर चेक करते थे कि परीक्षा के समय उन्हें कितना याद रहा.

अगली जरूरी बात समीर के हिसाब से है फैक्ट्स और डेटा, तारीखें आदि याद रखना. जब समय मिले तो फिगर्स याद करने बैठ जाएं क्योंकि यही आपके आंसर्स में वजन डालते हैं. जो पुराना पढ़ा है, उसे लगातार रिवाइज करते रहें ताकि नये के चक्कर में पुराना दिमाग से उतर न जाए.

एक अन्य सलाह समीर देते हैं कि चाहे आपकी रैंक आ चुकी हो, या आप किसी भी लेवल की तैयारी कर चुके हों लेकिन प्री परीक्षा को हर बार बहुत गंभीरता से लें. यह कब आपकी कहानी का रुख बदल दे कुछ भरोसा नहीं. इसलिए जितनी बार प्री दें उतनी ही गंभीरता से दें.

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