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Thursday, February 25, 2021
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IAS Success Story: पांच प्रयासों के बाद मिली यशवंत को UPSC परीक्षा में सफलता, क्या था उनके धैर्य का राज? जानें

Success Story Of IAS Topper Yashwant Meena: यशवंत मीना ने साल 2019 की यूपीएससी सीएसई परीक्षा अपने पांचवें अटेम्प्ट में पास की. इसके पहले भी वे चार बार परीक्षा दे चुके थे लेकिन उनका सेलक्शन नहीं हुआ था. पांच प्रयासों को अगर मोटे तौर पर सालों में बदलें तो कम से कम सात साल का समय यशवंत को लगा. किसी एग्जाम को क्रैक करने के लिए अपने जीवन के इतने साल देना आसान नहीं होता वह भी तब जब इस परीक्षा में सफलता की कोई गारंटी नहीं है. इतने सालों तक यशवंत ने खुद को कैसे मोटिवेटेड रखा और कैसे मेन्स में आंसर लिखकर चयन सुनिश्चित किया, यह सब बताया उन्होंने दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिए इंटरव्यू में.

इंजीनियर हैं यशवंत –

यशवंत मीना मुख्यतः जयपुर, राजस्थान के रहने वाले हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई भी वहीं हुई. यशवंत ने यूपीएससी की तैयारी शुरू करने से पहले बीटेक किया है. बीटेक पूरा होने के तुरंत बाद से यशवंत यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने लगे थे पर उनका सेलेक्शन नहीं हो रहा था. अपने तीसरे प्रयास में तो यशवंत इंटरव्यू राउंड तक पहुंच गए लेकिन तब भी चयनित नहीं हुए. इसे जहां लोग निराशा भरी बात कहेंगे वहीं यशवंत को इसमें भी आशा की किरण नजर आई. उन्हें प्रेरणा मिली कि जब वे यहां तक पहुंच सकते हैं तो आगे भी पहुंच सकते हैं. इस प्रकार यशवंत ने अपने बचपन के सपने को पाने के लिए कमर कसी और बार-बार की हार से विचलित हुए बिना अटेम्प्ट्स देते गए.

आंसर राइटिंद इज द की –

मेन्स परीक्षा में सफल होने के लिए यशवंत आंसर राइटिंग पर बहुत अधिक फोकस करने के लिए कहते हैं. वे कहते हैं कि चाहे आप कितनी भी किताबें खंगाल लो या कितनी भी नॉलेज इकट्ठी कर लो लेकिन अगर परीक्षा वाले दिन उस नॉलेज को रिप्रोड्यूस नहीं कर पा रहे हो तो आपकी पूरी मेहनत बेकार है. इसलिए मुख्य परीक्षा के पहले खूब आंसर राइटिंग प्रैक्टिस करें. आपके आंसर जितने अच्छे होंगे आपको उतने ही अच्छे अंक मिलेंगे. वरना पढ़ तो हर कोई लेता है पर जब तक उस पढ़े हुए को लिखने की काबलियत आपके अंदर डेवलेप नहीं होती, सारी मेहनत बेकार है.

ऐस्से के पेपर में लाएं अतिरिक्त अंक –

यशवंत मेन्स के सभी पेपरों में से ऐस्से के पेपर को एक ऐसा पेपर मानते हैं जिसमें अच्छे नंबर लाकर अपनी रैंक इम्प्रूव की जा सकती है. इसलिए इस पेपर पर विशष ध्यान दें. यशवंत अपना एक्सपीरियंस बताते हैं कि उन्होंने टॉपर्स की कॉपी देखी थी कि वे लोग कैसे उत्तर लिखते हैं और फिर उसे ही कॉपी किया था. उनके अनुसार निबंध की शुरुआत और अंत खासकर वजनदार होना चाहिए. इसके लिए यशवंत ने करीब 100 कोट्स हर विषय के तैयार कर लिए थे ताकि जैसा विषय हो वैसा कोट डालकर आरंभ कर सकें. आप भी प्रैक्टिस द्वारा इस पेपर पर अपनी पकड़ मजबूत करें, यह बहुत लाभ देता है.

यशवंत की सलाह –

मेन्स पेपर के लिए यशवंत यही कहते हैं कि अपने उत्तरों को खास बनाने की कोशशि करें और इनमें डेटा, फैक्ट्स, डायग्राम्स आदि डालें ताकि एग्जामिनर पर अच्छा असर पड़े. मुख्य परीक्षा के पहले खूब आंसर लिखें ताकि बढ़िया अभ्यास हो जाए और परीक्षा वाले दिन समय की कमी जैसी कोई समस्या न फेस करनी पड़े. इसके साथ ही पिछले साल के पेपर देखें ताकि जान पाएं की यूपीएससी का परीक्षा पैटर्न कैसा रहता है और किस प्रकार के प्रश्न आते हैं. लिमिटेड रिर्सोस और मल्टीपल रिवीजन के फंडे पर काम करें और किताबें सीमित ही रखें. अगर कहीं कुछ न मिले तो परेशान न हों क्योंकि वर्तमान दौर इंटरनेट का है, जहां सबकुछ एक क्लिक पर मिल जाता है.

अंत में बस इतना ही कि सफलता मिलने में समय लगे तो परेशान न हों क्योंकि इस परीक्षा का नेचर ही ऐसा है. सही दिशा में सही स्ट्रेटजी के साथ आगे बढ़ें भले देर से सही लेकिन सफलता जरूर मिलेगी. खुद को सेल्फ मोटिवेटेड रखें क्योंकि कोई भी बाहरी मोटिवेशन इतने सालों तक साथ नहीं देता.

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